पीएम सूर्य घर योजना सब्सिडी 2026: प्रति kW राशि और आवेदन

पीएम सूर्य घर योजना सब्सिडी 2026 में पहले 2 kW के लिए ₹30,000 प्रति kW और तीसरे kW के लिए ₹18,000 मिलती है। यानी 3 kW या उससे बड़े किसी भी घरेलू सिस्टम पर अधिकतम ₹78,000, और विशेष श्रेणी वाले राज्यों में ₹85,800। यह पैसा DISCOM निरीक्षण के बाद सीधे घर के मालिक के बैंक खाते में आता है। नीचे स्लैब, पात्रता, आवेदन का तरीका और आवेदन अटकने की वजहें दी गई हैं।

अंग्रेज़ी में पढ़ना चाहें तो PM Surya Ghar subsidy guide (English version) देखें।

पीएम सूर्य घर योजना क्या है?

पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना 13 फरवरी 2024 को शुरू हुई। इसका बजट ₹75,021 करोड़ है और लक्ष्य है 1 करोड़ घरों की छत पर सोलर लगवाना। 17 सितंबर 2026 तक नेशनल पोर्टल पर 83 लाख से ज़्यादा आवेदन और 48 लाख से ज़्यादा इंस्टॉलेशन दिख रहे हैं, जिनसे 57 लाख से ज़्यादा परिवारों को फायदा मिल रहा है। योजना 31 मार्च 2027 तक चलेगी।

पीएम सूर्य घर योजना सब्सिडी प्रति kW: 2026 के स्लैब

केंद्र की मदद, जिसे CFA (central financial assistance) कहते हैं, हर kW पर एक तय रकम है। यह vendor के बताए दाम का प्रतिशत नहीं है। ये रेट योजना शुरू होने से अब तक नहीं बदले हैं, और MNRE की गाइडलाइंस के अनुसार 13 फरवरी 2024 से आए हर आवेदन पर लागू होते हैं।

  • पहले 2 kW: ₹30,000 प्रति kW (विशेष श्रेणी वाले राज्यों/UTs में ₹33,000)
  • तीसरा kW: ₹18,000 (विशेष श्रेणी वाले राज्यों/UTs में ₹19,800)
  • 3 kW से ऊपर: केंद्र से कोई अतिरिक्त सब्सिडी नहीं

विशेष श्रेणी वाले राज्य और UTs हैं: उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, सिक्किम सहित पूर्वोत्तर के राज्य, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप। यहाँ MNRE की benchmark लागत ज़्यादा मानी जाती है, इसलिए सब्सिडी करीब 10% ज़्यादा है।

चार बातें जो ग्राहक अक्सर installer से पूछते हैं:

  • सब्सिडी पैनल की DC क्षमता पर मिलती है, inverter पर नहीं। 2.5 kW के पैनल पर ₹30,000 × 2 + ₹18,000 × 0.5 = ₹69,000 मिलेंगे, inverter चाहे जितना बड़ा हो।
  • बैटरी और hybrid inverter लगा सकते हैं, लेकिन इनसे सब्सिडी नहीं बढ़ती। Off-grid सिस्टम पर सब्सिडी नहीं मिलती।
  • एक इंस्टॉलेशन पर सब्सिडी सिर्फ एक बार मिलती है। अगर घर को पहले किसी पुरानी MNRE योजना में rooftop सब्सिडी मिल चुकी है, तो सिर्फ बढ़ाई गई क्षमता पर क्लेम हो सकता है, कुल 3 kW तक। किसी सिस्टम को नई जगह शिफ्ट करने पर कुछ नहीं मिलता।
  • कुछ राज्य अपना टॉप-अप भी देते हैं। जुलाई 2025 के संशोधन के बाद राज्य की सब्सिडी भी नेशनल पोर्टल पर दिखनी चाहिए। रकम हर राज्य में अलग है, इसलिए कुल रकम बताने से पहले अपने राज्य का नियम देख लें।

उदाहरण: सिस्टम साइज के हिसाब से सोलर पैनल सब्सिडी

उदाहरण (सिर्फ केंद्र की CFA, राज्य का टॉप-अप शामिल नहीं):

सिस्टम साइज सामान्य राज्य प्रति kW (सामान्य) विशेष श्रेणी राज्य प्रति kW (विशेष)
1 kW₹30,000₹30,000₹33,000₹33,000
2 kW₹60,000₹30,000₹66,000₹33,000
3 kW₹78,000₹26,000₹85,800₹28,600
5 kW₹78,000₹15,600₹85,800₹17,160
10 kW₹78,000₹7,800₹85,800₹8,580

"प्रति kW" वाले कॉलम से साफ है कि छोटे सिस्टम की लागत का बड़ा हिस्सा सब्सिडी से निकल जाता है। पोर्टल का मोटा हिसाब है: महीने में 0–150 यूनिट खपत पर 1–2 kW, 150–300 यूनिट पर 2–3 kW, और उससे ज़्यादा पर 3 kW से ऊपर। अपने असली बिल से साइज निकालने के लिए पढ़ें बिजली बिल से kW कैसे निकालें। सब्सिडी और बचत का जल्दी अंदाज़ा लगाना हो तो मुफ्त सोलर सब्सिडी कैलकुलेटर इस्तेमाल करें।

सूर्य घर योजना पात्रता: कौन आवेदन कर सकता है?

यह योजना मांग पर चलती है। कोई भी पात्र परिवार आवेदन कर सकता है। पुराने Phase II प्रोग्राम की तरह अब DISCOM vendor चुनने या रेट तय करने के लिए टेंडर नहीं निकालते। आप पात्र हैं अगर:

  • आपके पास DISCOM या बिजली विभाग का घरेलू (residential), ग्रिड से जुड़ा बिजली कनेक्शन है, और एक वैध consumer account number है।
  • सिस्टम छत, टैरेस या बालकनी पर, या किसी ऊँचे ढाँचे पर लगेगा। Building-integrated PV भी मान्य है।
  • आप नेशनल पोर्टल पर रजिस्टर्ड vendor से काम करवाते हैं, जो आपके DISCOM के लिए रजिस्टर्ड हो।
  • पैनल DCR मॉड्यूल हैं, यानी भारत में बने और भारतीय cells से बने।
  • उस कनेक्शन पर पहले से 3 kW की सब्सिडी नहीं ली गई है।

दुकान, फैक्ट्री (commercial, industrial) और सरकारी कनेक्शन इस सब्सिडी के लिए पात्र नहीं हैं। बैंक खाते में नाम बिल्कुल वैसा ही होना चाहिए जैसा बिजली बिल पर है।

मुफ्त बिजली योजना आवेदन: ऑनलाइन स्टेप बाय स्टेप

पोर्टल की "Consumer Application Journey" इसी क्रम में चलती है। फॉर्म vendor भी भर सकता है, लेकिन तभी जब ग्राहक पोर्टल पर इसकी मंज़ूरी दे।

  1. रजिस्ट्रेशन: pmsuryaghar.gov.in (या PM Surya Ghar ऐप) पर मोबाइल नंबर डालें, OTP से verify करें, और नाम, ईमेल व पता भरें।
  2. Rooftop solar के लिए आवेदन: राज्य, ज़िला और DISCOM चुनें, consumer account number डालें, "Fetch Details" पर क्लिक करें और जितने kW लगवाने हैं वह भरकर सबमिट करें। Net-metering agreement अब इसी आवेदन का हिस्सा है।
  3. Feasibility: मंत्रालय के अनुसार 10 kW तक के सिस्टम के लिए technical feasibility की ज़रूरत हटा दी गई है और लोड अपने-आप बढ़ जाता है। जहाँ राज्य के नियम अब भी दस्तावेज़ माँगते हैं, वहाँ DISCOM पोर्टल से मंज़ूरी देता है।
  4. Vendor चुनें: रजिस्टर्ड लिस्ट से vendor चुनें और साइन किया हुआ vendor–consumer agreement अपलोड करें। Vendor बदलना हो तो agreement अपलोड होने से पहले ही बदल सकते हैं।
  5. इंस्टॉलेशन: vendor सिस्टम लगाकर उसकी जानकारी भरता है: पैनल और inverter के serial number, DCR certificate और geo-tagged फोटो। फिर vendor "Send to Consumer" करता है, और ग्राहक सब जाँचकर DISCOM को सबमिट करता है।
  6. निरीक्षण और net meter: DISCOM साइट का निरीक्षण करता है, net meter लगाता है (या किसी approved supplier से खरीदे गए मीटर को मंज़ूरी देता है) और पोर्टल पर commissioning certificate जारी करता है।
  7. सब्सिडी redeem करें: cancelled cheque या पासबुक की कॉपी के साथ बैंक डिटेल डालें और redemption request करें। इससे वह e-token चालू होता है जो आवेदन सबमिट करते समय बना था।
  8. सब्सिडी खाते में: पैसा बैंक खाते में आता है, और अगर सिस्टम लोन पर लिया है तो लोन खाते में।

Net metering के कागज़ हर राज्य में थोड़े अलग होते हैं। DISCOM की तरफ का पूरा प्रोसेस हमारी net metering process गाइड में है।

DCR पैनल और ALMM: सब्सिडी इन्हीं नियमों पर टिकी है

DCR (Domestic Content Requirement) सब्सिडी की शर्त है। पैनल भारत में बने होने चाहिए और उनके cells भी भारत में बने होने चाहिए। अगर एक भी non-DCR पैनल लगा दिया, तो पूरे सिस्टम की सब्सिडी चली जाती है। पोर्टल DCR certificate को NISE DCR पोर्टल से मिलाकर जाँचता है।

ALMM मंज़ूर निर्माताओं की अलग सूची है, जिसे लेकर लोग अक्सर उलझते हैं:

  • ALMM List-I (मॉड्यूल) सभी net-metered rooftop सिस्टम पर लागू है।
  • ALMM List-II (cells) उन net-metered प्रोजेक्ट पर लागू होगी जो 31 दिसंबर 2026 के बाद चालू होंगे। MNRE ने 18 जुलाई 2026 के आदेश से यह तारीख 31 मई 2026 से आगे बढ़ाई।
  • MNRE ने 4 अगस्त 2026 को साफ किया कि ALMM में ढील का मतलब DCR में ढील नहीं है। सब्सिडी वाले सिस्टम में DCR पैनल ही लगेंगे।
  • जो परिवार "Give It Up" चुनते हैं (यानी सब्सिडी नहीं लेते), वे non-DCR पैनल लगा सकते हैं। मार्च 2026 से वे DCR certificate के बिना भी सबमिट कर सकते हैं, लेकिन इंस्टॉलेशन सबमिट होने के बाद वापस सब्सिडी वाले विकल्प पर नहीं जा सकते।

सब्सिडी खाते में कब आती है?

गाइडलाइंस के अनुसार DISCOM की मंज़ूरी के 15 दिन के अंदर सब्सिडी प्रोसेस होती है। PIB ने भी बताया है कि सारी जानकारी सही होने पर redemption request से औसतन करीब 15 दिन लगते हैं। उससे पहले का समय DISCOM के निरीक्षण और net meter की लाइन पर निर्भर है, इसलिए ग्राहक से पक्की तारीख का वादा न करें।

3 सितंबर 2026 से जिन आवेदनों का "confidence score" 70% से कम है, उन्हें पोर्टल सीधे redeem नहीं करता। ऐसे ग्राहकों को साइन किया हुआ undertaking (फॉर्मेट पोर्टल पर है) और आधार या वोटर ID जैसा सरकारी पहचान पत्र अपलोड करना होगा। योजना 31 मार्च 2027 को खत्म हो रही है, इसलिए प्रोजेक्ट आखिरी हफ्तों के बजाय पहले ही चालू करवाएँ।

सोलर लोन: कम ब्याज पर पैसा

नेशनल पोर्टल Jan Samarth से जुड़ा है, इसलिए परिवार पोर्टल छोड़े बिना सरकारी बैंक से standard लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं। पोर्टल से लोन सिर्फ अलग-अलग घरों के लिए है, RWA के लिए नहीं। सितंबर 2026 तक पोर्टल पर ये शर्तें दी गई हैं:

  • ₹2 लाख तक: कोई गारंटी (collateral) नहीं, ब्याज repo rate + 0.5% (PIB ने जुलाई 2026 में इसे 5.75% सालाना बताया), कम से कम 10% रकम खुद लगानी होगी, PAN या इनकम प्रूफ नहीं चाहिए, processing fee शून्य, और 6 महीने की छूट (moratorium) सहित 10 साल तक की अवधि।
  • ₹2–6 लाख: PAN, ITR या Form 16, और कम से कम ₹3 लाख सालाना शुद्ध आय ज़रूरी है। कम से कम 20% रकम खुद लगानी होगी, और ब्याज बैंक के home-loan रेट से जुड़ा होता है।
  • लोन की रकम vendor को दो किस्तों में मिलती है। सब्सिडी आने पर वह पहले लोन खाते में जाती है।

ब्याज दर RBI के repo rate के साथ बदलती है, इसलिए मौजूदा रेट बैंक से पक्का कर लें।

RWA और हाउसिंग सोसाइटी के नियम

  • RWA, अपार्टमेंट ओनर एसोसिएशन और कोऑपरेटिव सोसाइटी को साझा सुविधाओं (EV चार्जिंग सहित) के लिए ₹18,000 प्रति kW (विशेष श्रेणी वाले राज्यों में ₹19,800) मिलते हैं।
  • पात्र क्षमता इन दोनों में से जो कम हो वह होगी: लगाया गया सिस्टम, या 3 kW × घरों की संख्या, और अधिकतम 500 kW। इसमें वे प्लांट भी गिने जाते हैं जो निवासियों ने खुद लगवाए हैं। गाइडलाइंस का उदाहरण: 20 घरों वाली सोसाइटी में 100 kW लगे तो 60 kW पर सब्सिडी बनेगी, यानी ₹10,80,000।
  • कनेक्शन सिर्फ साझा हिस्सों को बिजली देना चाहिए, अलग-अलग फ्लैट को नहीं।
  • जहाँ निवासियों ने अभी RWA नहीं बनाई है, वहाँ MNRE बिल्डर (developer) को सब्सिडी क्लेम करने देता है। बिल्डर को undertaking देना होगा कि वह सिस्टम निवासियों को सौंपेगा और बचत का फायदा उन्हें देगा।

आवेदन अटकने की आम वजहें

  1. नाम में फर्क: बैंक खाते और DISCOM बिल पर नाम अलग है। redemption से पहले बैंक या DISCOM से ठीक करवाएँ।
  2. DCR की गड़बड़ी: certificate serial number से मेल नहीं खाता, या किसी पैनल का DCR certificate ही नहीं है।
  3. मंज़ूर लोड से DC/AC का मेल न होना: मार्च 2026 की MNRE advisory DISCOMs से कहती है कि आवेदन से 10% तक ज़्यादा DC क्षमता मानें, जैसे 3 kW inverter पर 3.24 kW के पैनल। लेकिन inverter की AC रेटिंग मंज़ूर लोड से ज़्यादा नहीं हो सकती।
  4. गलत geo-tagged फोटो या लोकेशन: latitude और longitude सिर्फ vendor ठीक कर सकता है, वह भी इंस्टॉलेशन सबमिट करते समय।
  5. दोहराए गए serial number: 26 मई 2026 के बाद ये स्वीकार नहीं होते।
  6. Vendor के पास काम का ढेर: अगस्त 2026 में MNRE ने बहुत ज़्यादा पेंडिंग आवेदन रखने वाले 66 vendors को deactivate किया। साथ ही vendors को सलाह दी कि बिना ठोस वजह के किसी आवेदन को 60 दिन से ज़्यादा न रोकें।
  7. DISCOM निरीक्षण में देरी: पोर्टल पर शिकायत (grievance) दर्ज करें या टोल-फ्री नंबर 15555 पर कॉल करें।

फरवरी 2024 से पीएम सूर्य घर योजना सब्सिडी में क्या बदला

  • सब्सिडी की रकम: कोई बदलाव नहीं। ₹30,000 / ₹18,000 प्रति kW और अधिकतम ₹78,000, जून 2024 की गाइडलाइंस में विशेष श्रेणी वाले रेट के साथ पक्का किया गया।
  • लोन की ब्याज दर: शुरुआत में करीब 7%, मार्च 2025 तक 6.75% और जुलाई 2026 तक 5.75%, क्योंकि repo rate घटा।
  • मंज़ूरी: 10 kW तक feasibility की शर्त हटी और लोड अपने-आप बढ़ने लगा, और net-metering agreement आवेदन में ही शामिल हो गया।
  • RWA: नवंबर 2024 के स्पष्टीकरण से बिल्डर निवासियों की ओर से सब्सिडी क्लेम कर सकते हैं।
  • 2026 के compliance नियम: DCR certificate के बिना "Give It Up" का विकल्प, दोहराए गए serial number पर रोक, net metering के लिए ALMM List-II (cells) की 31 दिसंबर 2026 की समय-सीमा, vendors के लिए पेंडिंग आवेदन निपटाने की समय-सीमा, और redemption से पहले confidence-score की जाँच।
  • गाइडलाइंस में संशोधन जुलाई 2025 और अगस्त 2026 में हुए। ये मुख्य रूप से पोर्टल पर राज्य के टॉप-अप और पुराने Phase II क्लेम से जुड़े हैं, जो अब 30 नवंबर 2026 तक MNRE तक पहुँचने चाहिए।

नियम बदल सकते हैं, इसलिए रकम बताने से पहले pmsuryaghar.gov.in पर "What's New" सेक्शन देख लें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

3 kW सोलर सिस्टम पर पीएम सूर्य घर योजना में कितनी सब्सिडी मिलती है?

ज़्यादातर राज्यों में ₹78,000: पहले 2 kW पर ₹30,000 प्रति kW और तीसरे kW पर ₹18,000। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और पूर्वोत्तर जैसे विशेष श्रेणी वाले राज्यों और UTs में यह ₹85,800 है।

5 kW या 10 kW सोलर लगाने पर क्या ज़्यादा सब्सिडी मिलेगी?

नहीं। केंद्र की सब्सिडी 3 kW पर रुक जाती है, इसलिए 5 kW या 10 kW के घरेलू सिस्टम पर भी ₹78,000 ही मिलते हैं (विशेष श्रेणी वाले राज्यों में ₹85,800)। कुछ राज्य अपनी तरफ से अलग टॉप-अप देते हैं, इसलिए अपने राज्य के मौजूदा नियम ज़रूर देखें।

सूर्य घर योजना की सब्सिडी बैंक खाते में कितने दिन में आती है?

योजना की गाइडलाइंस के अनुसार DISCOM की मंज़ूरी के 15 दिन के अंदर सब्सिडी प्रोसेस होती है, और मंत्रालय के अनुसार सही जानकारी होने पर redemption request के बाद औसतन करीब 15 दिन लगते हैं। असली देरी अक्सर DISCOM के निरीक्षण और net meter लगने में होती है, जो हर DISCOM में अलग है।

क्या कोई भी सोलर पैनल लगाकर सब्सिडी मिल सकती है?

नहीं। सब्सिडी सिर्फ DCR पैनल पर मिलती है, यानी भारत में बने ऐसे पैनल जिनके cells भी भारत में बने हों, और जिनकी जाँच NISE DCR पोर्टल से होती है। एक भी non-DCR पैनल लगा तो पूरे सिस्टम की केंद्रीय सब्सिडी चली जाती है।

पीएम सूर्य घर योजना में आवेदन की आखिरी तारीख क्या है?

नेशनल पोर्टल और गाइडलाइंस के अनुसार योजना 31 मार्च 2027 तक चलेगी। इंस्टॉलेशन, DISCOM निरीक्षण और सब्सिडी redemption में समय लगता है, इसलिए सिस्टम काफी पहले चालू करवा लें।

क्या हाउसिंग सोसाइटी या RWA को सूर्य घर योजना की सब्सिडी मिलती है?

हाँ, लिफ्ट, लाइटिंग और EV चार्जिंग जैसी साझा सुविधाओं के लिए। सब्सिडी ₹18,000 प्रति kW है, हर घर के हिसाब से 3 kW तक और कुल 500 kW तक, और कनेक्शन सिर्फ साझा हिस्सों के लिए होना चाहिए।

स्रोत (Sources)